🇮🇳 भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965–1971) — हिंदी नोट्स
1. भारत-पाकिस्तान युद्ध, 1965
पृष्ठभूमि:
1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच मुख्य संघर्ष कश्मीर मुद्दे को लेकर हुआ। पाकिस्तान ने कश्मीर में घुसपैठ कराकर भारत के विरुद्ध विद्रोह भड़काने की कोशिश की।
मुख्य घटनाएँ:
अप्रैल 1965: कच्छ के रण में भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष।
अगस्त 1965: पाकिस्तान ने ऑपरेशन जिब्राल्टर के तहत कश्मीर में घुसपैठ कराई।
सितंबर 1965: भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में मोर्चा खोला।
6 सितंबर 1965: भारत ने लाहौर दिशा में सैन्य कार्रवाई शुरू की।
दोनों देशों के बीच कई मोर्चों पर भीषण युद्ध हुआ।
23 सितंबर 1965: संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों से युद्धविराम हुआ।
युद्ध का परिणाम:
दोनों देशों को भारी सैन्य और आर्थिक नुकसान हुआ।
कोई निर्णायक विजय नहीं हुई।
10 जनवरी 1966: भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच ताशकंद समझौता हुआ।
ताशकंद समझौते में दोनों देशों ने युद्ध से पहले की स्थिति में लौटने पर सहमति व्यक्त की।
समझौते के अगले दिन, 11 जनवरी 1966, लाल बहादुर शास्त्री का निधन हो गया।
---
2. 1965 और 1971 के बीच की स्थिति
1965 के युद्ध के बाद भारत-पाकिस्तान संबंध तनावपूर्ण बने रहे। इसी दौरान पाकिस्तान के पूर्वी भाग पूर्वी पाकिस्तान (आज का बांग्लादेश) में राजनीतिक और क्षेत्रीय असंतोष तेजी से बढ़ा।
मुख्य कारण:
पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के बीच राजनीतिक एवं आर्थिक असमानता।
बंगाली भाषा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विवाद।
1970 के आम चुनाव में शेख मुजीबुर रहमान की अवामी लीग को बहुमत मिला, लेकिन सत्ता हस्तांतरण नहीं हुआ।
इसके बाद पूर्वी पाकिस्तान में व्यापक आंदोलन शुरू हुआ।
पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में लोग भारत आए।
---
🇮🇳 भारत-पाकिस्तान युद्ध, 1971
मुख्य कारण:
1971 का युद्ध मुख्य रूप से पूर्वी पाकिस्तान के मुक्ति संघर्ष और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े सैन्य तनाव से जुड़ा था।
महत्वपूर्ण घटनाएँ
25 मार्च 1971: पाकिस्तानी सेना ने पूर्वी पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की।
लाखों शरणार्थी भारत आए।
भारत ने पूर्वी पाकिस्तान के मुक्ति आंदोलन का समर्थन किया।
3 दिसंबर 1971: पाकिस्तान ने भारत के कई हवाई अड्डों पर हवाई हमला किया। इसके बाद भारत ने औपचारिक रूप से युद्ध में प्रवेश किया।
भारतीय सेना ने पूर्वी मोर्चे पर तेजी से सैन्य अभियान चलाया।
16 दिसंबर 1971: पाकिस्तानी सेना ने ढाका में भारतीय सेना और मुक्ति वाहिनी के सामने आत्मसमर्पण किया।
इसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश एक स्वतंत्र देश के रूप में अस्तित्व में आया।
1971 युद्ध का परिणाम
1. पाकिस्तान का विभाजन हुआ।
2. बांग्लादेश का निर्माण हुआ।
3. लगभग 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों और नागरिक कर्मियों ने आत्मसमर्पण किया।
4. भारत की सैन्य और कूटनीतिक स्थिति मजबूत हुई।
5. 1972 में शिमला समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ।
📌 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
प्रश्न उत्तर
1965 का भारत-पाक युद्ध कब हुआ? 1965
1965 के युद्ध का प्रमुख मुद्दा क्या था? कश्मीर
1965 का युद्धविराम कब हुआ? 23 सितंबर 1965
ताशकंद समझौता कब हुआ? 10 जनवरी 1966
ताशकंद समझौते में भारत की ओर से कौन थे? लाल बहादुर शास्त्री
1971 का युद्ध कब शुरू हुआ? 3 दिसंबर 1971
1971 में नया देश कौन बना? बांग्लादेश
बांग्लादेश कब स्वतंत्र हुआ? 16 दिसंबर 1971
1971 में पाकिस्तान ने आत्मसमर्पण कहाँ किया? ढाका
1971 के बाद भारत-पाकिस्तान का प्रमुख समझौता? शिमला समझौता, 1972